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Monday, April 16, 2012

जीएस सरीन : टॉस से पहुंचे सिंगापुर, मेहनत से बने 900 करोड़ की कंपनी के मालिक

कारोबार के लिए दुबई जाना चाहिए या सिंगापुर ? 
जीएस सरीन इस मुद्दे को लेकर पसोपेश में थे। अपने ट्रेवल एजेंट की सलाह पर उन्होंने देश चुनने का फैसला किया। सिक्का उछला.. फैसला हुआ सिंगापुर के पक्ष। सिक्का भले ही जमीन पर गिरा हो पर जीएस सरीन का कॅरियर आसमान पर पहुंच गया। 13 साल में 900 करोड़ रुपए के सालाना टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक बन चुके सरीन की उड़ान को फोब्र्स पत्रिका ने नई ऊंचाई दी है।
 

Wednesday, April 11, 2012

महाश्य धर्मपाल जी : पहले चलाते थे तांगा.. अब हैं अरबपति

जी हां यह कोई कहानी या कोरी गप्प नहीं बल्कि सच्चाई है आज यह महाश्य मसालों की दुनिया के बेताज बादशाह हैं जी हां हम बात कर रहे हैं एमडीएच मसाला कंपनी के मालिक महाश्य धर्मपाल जी की जिनका जन्म 27 मार्च 1927 को सियालकोट में हुआ था। 1933 में इन्होंने पांचवी कक्षा में ही पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। 1937 में महाश्य जी ने अपने पिता की मदद से अपना एक छोटा सा शीशे का बिजनेस शुरु किया उसके बाद साबुन    और दूसरे कई बिजनेस किए लेकिन उनका मन उनमें नहीं लगा बाद में उन्होंने अपना पुश्तैनी मसालों का
बिजनेस शुरु किया।


सारा ब्लैकली : डिजनी वल्र्ड की नौकरी से अरबपति तक


न विज्ञापन न बाहरी निवेश:- सारा ब्लैकली ने अपने ब्रांड या उत्पादों के प्रमोशन के लिए कभी विज्ञापन का सहारा नहीं लिया। बिजनेस को बढ़ाने के लिए उन्होंने बाहरी निवेशकों या कर्ज की मदद भ्ीा नहीं ली। करीब एक अरब डॉलर से ज्यादा संपत्ति वाली कंपनी में उनकी पूरी हिस्सेदारी है। गारमेंट सेक्टर में बिना किसी अनुभव के उतरी सारा के उत्पादों की दीवानी ओपरा विन्फ्रे और कई अन्य प्रमुख हस्तियां भी हैं।

ये कॉलेज की पढ़ाई नहीं कर पाए लेकिन बन गए अरबपति :

कहते हैं तरक्की करने के लिए अच्छी तालीम हासिल करना बहुत जरूरी है। लेकिन हम आपको कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। लेकिन आज इनका नाम दुनिया के गिने चुने रईसों में शामिल है। इस लिस्ट में पहला नाम है दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख बिल गेट्स का। साल 1975 में इन्होंने अमेरिका के हावर्ड यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। और इसके कुछ दिनों के बाद ही इन्होंने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरूआत की। और आज इनका नाम दुनिया के चुनिंदा सफल कारोबारियों में शुमार है।

वी पी नंदकुमार : कभी चलाते थे पान की दुकान,आज हैं खरबपति

यह दास्तान एक ऐसे उद्यमी की है जिसने अपनी मेहनत और लगनशीलता से न केवल अपना बल्कि अपने परिवार का भाग्य बदल कर रख दिया। यह सज्जन हैं वी पी नंदकुमार और इस समय वह भारत की एक शीर्ष कंपनी चलाते हैं। इस कंपनी का नाम है मण्णपुरम फाइनेंस इसकी देश भर में 2,600 शाखाएं हैं, इसका सालाना कारोबार 2200 करोड़ रुपए का है। और इसके पास 11,000 करोड़ रुपए की परिसंपत्ति है।

वारेन बफे : दुनिया के सबसे रईस आदमी की सच्चाई जानकर आप चौंक जाएंगे

जी हां, यह बिल्कुल सच है। हम जिस सज्जन की बात कर रहे हैं वे अपने बचपन के दिनों में वाकई चुइंग गम, कोका कोला, अखबार वगैरह बेचा करते थे लेकिन अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और सूझबूझ से दुनिया के सबसे दौलतमंद इंसान बन गए।