Thursday, April 18, 2013

निवेशकों के करोड़ो डूबने की आशंका :

जागरण कार्यालय, आसनसोल : चिटफंड संस्था शारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज के विभिन्न शाखा कार्यालयों के अचानक बंद हो जाने से निवेशकों और एजेंटों में हड़कंप मच गया है। करोड़ों रुपये डूबने की आशंका से निवेशकों और एजेंटों में दहशत है। आसनसोल शिल्पांचल में विभिन्न स्थानों पर कंपनी कार्यालय बंद होने पर दर्जनों की संख्या में एजेंट और निवेशकों ने बुधवार को आसनसोल महकमा शासक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
एसडीओ कार्यालय में आसनसोल, नियामतपुर, पुरुलिया, कुल्टी के अलावा बिहार के आरा से एजेंट और निवेशक आये थे।

Monday, April 16, 2012

जीएस सरीन : टॉस से पहुंचे सिंगापुर, मेहनत से बने 900 करोड़ की कंपनी के मालिक

कारोबार के लिए दुबई जाना चाहिए या सिंगापुर ? 
जीएस सरीन इस मुद्दे को लेकर पसोपेश में थे। अपने ट्रेवल एजेंट की सलाह पर उन्होंने देश चुनने का फैसला किया। सिक्का उछला.. फैसला हुआ सिंगापुर के पक्ष। सिक्का भले ही जमीन पर गिरा हो पर जीएस सरीन का कॅरियर आसमान पर पहुंच गया। 13 साल में 900 करोड़ रुपए के सालाना टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक बन चुके सरीन की उड़ान को फोब्र्स पत्रिका ने नई ऊंचाई दी है।
 

Sunday, April 15, 2012

60 साल की उम्र में आप भी बन सकते हैं करोड़पति :

क्या आप जहां पैसा लगा रहे हैं वह आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है?
अपने पैसे का सही निवेश न कर अधिकतर लोग नुकसान उठा रहे हैं।
मीडिया में सिर्फ बड़े घोटालों की खबरें आती हैं। लेकिन इन्वेस्टमेंट में चूक हो जाने से हर रोज जो पैसा डूब जाता है, वह इन घोटालों से कई गुना बड़ा है
हम गलत बीमा पॉलिसी ले रहे हैं, बचत खातों में बड़ी रकम पड़ी रहने देते हैं, छोटी-छोटी लापरवाही के कारण कर्ज, क्रेडिट कार्ड और बचत खातों में जुर्माना भर रहे हैं,
गलत स्टॉक में पैसा लगा रहे हैं और अपनी जरूरत को नजरअंदाज कर निवेश कर रहे हैं। 
कौन सी हैं निवेश में पांच सबसे ज्यादा होने वाली गलतियां?
और कैसे सही समय पर सही जगह पैसा लगाकर हम बन सकते हैं करोड़पति....  
 

Saturday, April 14, 2012

करंट अकाउंट डेफिसिट :


जब किसी देश का निर्यात कम हो जाता है और आयात ज्यादा हो जाता है तो इस स्थिति में करंट अकाउंट डेफिसिट की स्थिति बन जाती है। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है और कई बार जब डेफिसिट बहुत ज्यादा हो जाता है तो मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा की कमी भी हो जाती है। जहां तक विकासशील देशों की बात है तो उनके साथ यह समस्या अक्सर आ जाती है। विकासशील देश अपने घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर इस समस्या से निपट सकते हैं।

Wednesday, April 11, 2012

महाश्य धर्मपाल जी : पहले चलाते थे तांगा.. अब हैं अरबपति

जी हां यह कोई कहानी या कोरी गप्प नहीं बल्कि सच्चाई है आज यह महाश्य मसालों की दुनिया के बेताज बादशाह हैं जी हां हम बात कर रहे हैं एमडीएच मसाला कंपनी के मालिक महाश्य धर्मपाल जी की जिनका जन्म 27 मार्च 1927 को सियालकोट में हुआ था। 1933 में इन्होंने पांचवी कक्षा में ही पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। 1937 में महाश्य जी ने अपने पिता की मदद से अपना एक छोटा सा शीशे का बिजनेस शुरु किया उसके बाद साबुन    और दूसरे कई बिजनेस किए लेकिन उनका मन उनमें नहीं लगा बाद में उन्होंने अपना पुश्तैनी मसालों का
बिजनेस शुरु किया।